Chandrayan 3 Latest Update : चंद्रयान-3 ने कर ली बड़ी खोज धरती और चाँद दोनो पर तिरंगा

Chandrayan 3 Latest Update : Credit: ISRO Official twitter handel

चंद्रयान-3 ने कर ली बड़ी खोज धरती और चाँद दोनो पर तिरंगा

इसरो (ISRO) ने दी शानदार खुशबरी, चाँद के चौथे आर्बिट मे चंद्र यान की सफल एंट्री करते हुए और भी सतह के करीब पहुचा चंद्र यान-3 (Chandrayan 3) मिशन। जहा नाशा भी नही पहुचा वहा भारत का चंद्र यान-3 कामयाबी के झंडे गाड़ेगा।

Chandrayan 3 Latest Update : Credit: ISRO Official twitter handel
Chandrayan 3 Latest Update : Credit: ISRO Official twitter handel

बहुत बड़ी खुशखबरी

भारत के चंद्र यान-3 और रूस के मिशन लूना 25 दोनो मे से चंद्रमा पर पहले कौन पहुुंचेगा। दोनो ही देशो के मिशन का लक्ष्य क्या है |
दुनिया की दो सबसे बड़ी शक्ति पहला भारत और दूसरा रूस दोनो ही चंद्रमा पर पहुँच चुके हैं।  चंद्र यान से जुडी महत्व पुर्ण खबर।मंजिल के और करीब पहुचा चंद्र यान-3 इसरो ने दी जानकारी चाँद की चौथी कक्षा में हुआ दाखिल।

चंद्रयान 3 की वर्तमान स्थिति क्या है?

Chandrayan 3 Latest Update : Credit: ISRO Official twitter handel
Chandrayan 3 Latest Update : Credit: ISRO Official twitter handel

चंद्र यान-3 ने चाँद की कक्षा में सफलता पूर्वक एक वृत्ताकार चरण को पुरा कर लिया है और चाँद के करीब वाले कक्षा में पहुँच गया है।इसरो ने बताया 5 अगस्त 2023 को चंद्र यान-3 ने पहली कक्षा मे प्रवेश किया था उसके बाद दूसरी, तीसरी और फिर 14 अगस्त को चौथी कक्षा में प्रवेश कर चुका है।

चंद्रयान 3 की स्पीड कितनी है?

चंद्र यान-3 अभी 1900km/s की रफतार से चाँद से करीब 150 km दूर चौथी कक्षा मे यात्रा कर रहा है। चंद्र यान-3 ने अंडाकार कक्षा से गोलाकार कक्षा में में आना शुरू कर दिया है।

चंद्रयान 3 चंद्रमा की कक्षा में कब पहुंचेगा?

जहाँ नासा भी नही पहुचा वहा कामयाबी के झंड़े गाड़ेगा इसरो (ISRO)। चंद्र यान-3 चंद्रमा से मात्र कुछ ही km दूर हैं। 23 अगस्त को अंतरिक्ष में एक शाफ्ट लैंडिंग के साथ भारत एक नया इतिहास लिख देगा।
चाँद पर कदम रखने के मामले में भारत चौथे नंबर पर होगा। चंद्र यान की शाफ्ट लैंडिंग चंद्रमा के साउथ पोल के दक्षिणी ध्रुव पर होगी। जहा नशा भी इतनी बड़ी महाशक्ति होते हुए दक्षिणी ध्रुव पर नही पहुँच पाया। यदि भारत ऐसा करता है तो यह एक इतिहास लिखा जायेगा।

चंद्रयान फेल क्यों हुआ?

भारत ने सन् 2019 में भी चंद्र यान-2 को दक्षिणी ध्रुव पर भेजा था। लेकिन लैंडिंग के समय यह क्रेश हो गया। साउथ पोल पर उतरते समय चंद्रमा से 2km पहले चंद्र यान-2 से धरती का संपर्क टूट गया था। इस बार भी इसरो चद्रं यान-3 को दक्षिणी ध्रुव पर ही भेज रहा है खास बात यह है कि कोई भी स्पेस एजेंसि अब तक यहा नही पहुची है।
दूसरी जानकारी यह मिली है कि यहा पानी और खनिज मिलने की संभावना बहुत ज्यादा बताई जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि यहा पर बर्फ है तो पानी भी होगा। इसके अलावा कम तापमान होने से खनिज पदार्थ भी पर्याप्त मात्रा में मिलेंगे।

चंद्रयान 3 मिशन का क्या उपयोग है?

इसरो प्रमुख डा. के शिवन ने बताया इसका खास डिजाइन किया गया है सभी बिफलताओ के बाद भी लैंडिंग करेगा विक्रम। क्योकि इसमें कुछ खास डिजाइन का प्रयोग किया गया है भारत ने मात्र 600 करोड़ रुपये में मिशन को सफलता पूर्वक चंद्रमा पर भेज दिया है । जो अन्य देशों के खर्च से बहुत कम हैं!
जय जवान, जय विज्ञान

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top